सुकमा नक्सली हमला : जिन्होंने देश के लिए दी कुर्बानी, अब उन्हें दो गज जमीन मयस्सर भी नहीं
ब क्सर : देश की रक्षा के लिए गोलियां खाने के बावजूद वीर के मन में सिर्फ एक ख्याल था कि भारत मां का कोई और लाल देश के दुश्मनों की गोलियों का शिकार न हो जाये. इसलिए घायल होने के बावजूद उन्होंने अपनी राइफल से अंधाधुंध फायर करते हुए नक्सलियों को मौत के घाट उतार दिया. ऐसा करके अभय मिश्रा ने देश के साथ-साथ अपने गांव का नाम भी रोशन किया. लेकिन, तिरंगे में लिपटा शहीद का शव जब खुद के गांव पहुंचा, तो जिला प्रशासन ने यह कह कर दो गज जमीन देने से इनकार कर दिया कि सरकार का ऐसा कोई आदेश नहीं है. कांस्टेबल, अभय मिश्रा उन 26 सीआरपीएफ जवानों में थे, जिनकी जान सोमवार को छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में चली गयी. भोजपुर जिले में एक गांव है, तुलसी. शहीद जवान यहीं के रहने वाले थे. मंगलवार को उनका शव गांव लाया गया. यहां शहीद के परिजनों और गांव वालों को इच्छा थी कि गांव में मौजूद सरकारी जमीन पर ही उनका अंतिम संस्कार किया जाये. इसके लिए जगदीशपुर एसडीओ से जमीन मांगा गया. लेकिन, एसडीओ ने नियमों का हवाला देकर, जमीन देने से इनकार कर दिया. बाद में गांव के ही एक शख्स ने जमीन दान की तब, श...