गजब! यहां बसंत पंचमी में मां शारदे नहीं बल्कि मां काली की पूजा की जाती है।
•By Anurag Shrivastava गजब! यहां बसंत पंचमी में मां शारदे नहीं बल्कि मां काली की पूजा की जाती है। शक्तिपीठ के रूप में विख्यात हैं बांका जिले के बाराहाट प्रखंड स्थित लखपुरा गांव में स्थित मां काली का मंदिर। दरअसल हर साल बसंत पंचमी को लखपुरा गांव में मां काली की भव्य अनुष्ठान पूजा आयोजित की जाती है। जिसे वार्षिक भंडारा पूजा कहा जाता है। यहां हर वर्ष माघ माह में आयोजित होने वाले भंडारा पूजा में बिहार समेत दूर दराज के श्रद्धालु भी बड़े पैमाने पर उमड़ते हैं। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बसंत पंचमी की सुबह मंगलवार को बांका के बाराहाट प्रखंड स्थित लखपुरा गांव में मां काली की भव्य अनुष्ठान पूजा आयोजित की जा रही है। इस पूजा को वार्षिक भंडारा पूजा कहा जाता है। इस दौरान मां के दर्शन करने वालों की भीड़ लगातार दो दिनों तक उमड़ती रहती है। मंगलवार को लखपुरा काली मंदिर का भंडारा पूजा आयोजन की तैयारी पूरी कर ली गई है। कई प्रकार के कष्टों से पीड़ित लोग मां काली के आगे माथा टेक कर आशीर्वाद लेने आते हैं। भंडारा पूजा के दूसरे दिन मंदिर के पुजारी के माध्यम से कष्टि(पीड़ितों) को माता का प्रसाद वितरण कि...