[caption width="1770" align="alignleft"] Raftaar News || 9 June || 23:17[/caption] आज मुजफ्फरपुर के लिये खास दिन था, आज शहर को अपना नया मेयर और उप मेयर मिलने वाला था. आज सुबह से ही पूरे शहर मे माहौल गरम था हम भी पहुँच गये ख़बर जुटाने अभी वकत था सो हम पास के चाय कि दुकान पर पहुँच गये , दबा कर भीड़ लगी थी, बिहार मे दो चीज दबा कर चली एक शराब व दूजा चाय. वैसे तो बिहार मे अब "अथ श्री दारू कथा" समाप्त हो चुकी है फिर भी कही ना कही इसकी महीमा का गुणगान दबे मुख होता ही रहता है, हां एक चाय ही ऐसी है जिसकी महिमा का गुणगान ना ही कभी खतम हुआ था और ना ही कभी खतम होगा. चाय ही एक ऐसा सूरा है जो हर ससुरा के जुबान पे चढता है ऊ भी बेझिझक का सही बोले ना, हमम...सही पकडे है पांडे जी. सब जम के मार रहा था अरेरे..... कौनो लईका के नही जी चाय के चूसकि जी आप भी ना कुछू भी सोच लेते है, हमहऊ मार लिये एक आध गो.. चूस्की चाय के. आज दुकनवा पे राहगिर कम नेता जी के चमचा जादे दिख रहा था, अऊर दिखे काहे नही आज तो मौका भी था अऊर दस्तूर भी. सब अपन अपन दाव पेल रहा था, हमहऊ कुछ मुह से बकारते पर इ...