Raftaar News 13 May. 2017 20:33 News Desk वाशिंगटन। आतंकवादी संगठन अलकायदा के पूर्व प्रमुख ओसामा बिन लादेन की हत्या के उद्देश्य से की गई कार्रवाई के दौरान अमेरिकी सुरक्षाबलों के हाथ उसके कुछ निजी खत लगे थे, जिससे खुलासा हुआ है कि दुनिया के सबसे कुख्यात आतंकवादी का बेटा अपने पिता की ‘हत्यारी विचारधारा’ को आगे ले जाना चाहता है और उसका इरादा अपने पिता की मौत का बदला लेना है। संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के एक पूर्व एजेंट ने यह जानकारी दी है। अमेरिका में 11 सितंबर, 2011 को हुए घातक आतंकवादी हमले को लेकर आतंकवादी समूह की जांच का नेतृत्व कर चुके अली सौफान ने कहा, “वही बेटा आज एक मजबूत और बड़े अलकायदा का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।” सौफान ने यह बात लादेन के बेटे हमजा के एक पत्र के आधार पर कही है, जिसे कार्रवाई के दौरान जब्त किया गया था और उसे अब सार्वजनिक किया गया है। उन्होंने कहा कि वह ओसामा (पत्र में) से कहता है कि उसे याद है ‘हर इशारा..हर मुस्कुराहट, हर शब्द जो आपने मुझे दिए हैं।’ इस वक्त हमजा की उम्र लगभग 28 साल हुई होगी और जिस वक्त उसने पत्र लिखा था, उस वक्त वह 22 साल का था। उसने काफी सा...
• रोहित राज • 24 मई 08:42 am ✍पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को उम्र कैद की सजा ✍ राजद नेता व पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है. 22 वर्ष पहले हुए हत्याकांड में उन्हें झारखंड के हजारीबाग कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनायी है. मंगलवार को हजारीबाग के एडीजे 9 के सुरेंद्र शर्मा की कोर्ट में हुई सुनवाई में प्रभुनाथ सिंह के साथ ही उनके भाई दीनानाथ सिंह व भतीजा रितेश को भी उम्रकैद की सजा सुनायी गयी है. इसके अलावा 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. इससे उनके परिवार के लोगों व समर्थकों में काफी मायूसी है. वहीं पीड़ित परिवार के लोग फैसले से संतुष्ट हैं, लेकिन उनका मानना है कि प्रभुनाथ सिंह को उम्रकैद की सजा मिलनी चाहिए. पत्नी चांदनी सिंह ने मीडिया को बताया कि प्रभुनाथ सिंह को फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी. हालांकि उम्रकैद की सजा से थोड़ी राहत मिली है. एक विधवा को न्याय मिला है।. बता दें कि 22 साल पहले 3 जुलाई 1995 में मशरख के विधायक अशोक सिंह की हत्या उनके ही सरकारी आवास पर बम मार कर दी गयी थी. तब अशोक सिंह जनता दल के विधायक थे. विधायक अशोक सिंह की घटनास्थल पर...
न्यूज़ डेस्क : मिली जानकारी के अनुसार बिहार बोर्ड 25 मई तक इंटर का रिजल्ट जारी करने बाला था. पर यह नही हो सका, अब बताया जा है कि बिहार बोर्ड 30 मई को इंटर रिजल्ट जारी कर सकता है. हालाँकि मैट्रिक रिजल्ट 15 जून के तक घोषित होने की सम्भावना है. बता दें कि इस साल इंटर तथा मैट्रिक परीक्षा फरवरी माह में ही संपन्न हो गयी थी. पर परीक्षा के बाद मूल्यांकन कार्य शुरू होने के वक्त इंटर तथा मैट्रिक दोनों शिक्षकों ने समान काम के लिए समान वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया था. जिसके कारण रिजल्ट आने में देरी हो गई है.
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